चंद कदम ही चल पाई भाजपा की दलित इंसाफ यात्रा
पुलिस ने यात्रा शुरू होते ही भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया
जालंधर (राजकुमार साथी)। शिरोमणि अकाली दल बादल से अलग होने के बाद पंजाब में सियासी जमीन तलाश रही भाजपा आए दिन ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे रही है, जिससे वह समाचारों की सुर्खियों में छाई रहे और पंजाबियों को यह जता सके कि उसके साथ नाइंसाफी और अन्याय हो रहा हो। राजनीतिक माहिरों के मुताबिक भाजपा एक तीर से दो निशाने लगाने का एजेंडा लेकर चल रही है। केंद्र सरकार के नए खेती बिलों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को भडक़ाकर आंदोलन के राह से हटाने के लिए जान–बूझकर भाजपा नेता उसी रास्ते से गुजरते हैं, जहां किसान धरना लगाकर बैठे होते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंजाब भाजपा के प्रधान अश्वनी शर्मा की गाड़ी पर हुआ हमला भी इसी राजनीति का हिस्सा था। इससे किसानों पर केस दर्ज कराकर उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया गया। इससे पहले केंद्र सरकार ने धान की खरीद निर्धारित तिथि से कई दिन पहले शुरू कराकर भी किसानों को आंदोलन से हटाकर मंडियों में उलझाने की नाकाम कोशिश की थी। मुक्तसर में भाजपा नेताओं का किसानों के सामने जाना भी इसी राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब दलित इंसाफ यात्रा की आड़ लेकर भाजपाइयों ने हाइलाइट होने का प्रयास किया। मगर पुलिस ने उनकी यात्रा को शुरू होते ही खत्म करा दिया। साथ ही यात्रा की अगवाई करने वाले पंजाब भाजपा के प्रधान अश्वनी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार अटवाल को हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया। सूर्य इन्क्लेव से चलकर चंडीगढ़ स्थित सीएम हाऊस तक पहुंचने वाली यह यात्रा जालंधर की सीमा भी पार नहीं कर सकी।