कुंडली बॉर्डर पर लग रहे “आई लव खेती” और “हम किसान हैं आतंकवादी नहीं” के नारे
लुधियाना (राजकुमार साथी)। केंद्र सरकार किसानों की मांगें मानने की बजाय उनके आंदोलन को कमजोर करने के लिए भाजपा के किसान विंग की मदद से डिवाइड एंड रूल की नीति अपना रही है। इसी लिए भाजपा शासित प्रदेश उत्तराखंड और हरियाणा के कुछ किसान संगठनों से खेती बिलों का समर्थन कराने का ऐलान किया जा रहा है। मगर दिल्ली के कुंडली बॉर्डर पर आई लव खेती और हम किसान हैं आतंकवादी नहीं के लग रहे नारे आंदोलन को और मजबूत कर रहे हैं। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अभिनेत्री कंगना रनौट भी उनके निशाने पर हैं। इनके खिलाफ न सिर्फ हाय–हाय के नारे लग रहे हैं, बल्कि इन्हें सबक सिखाने के तरीके भी नारों और पोस्टरों में झलक रहे हैं। मंच से उठ ! हीरा उगाने वाले भाई, तेरी मेहनत लूट रहे कसाई की आवाज आती है तो आंदोलन में भाग रहे रहे युवा, बुजुर्ग और महिलाओं में नया जोश भर जाता है। किसानों की आईटी सेल ने हिंदी और अंग्रेजी में नारा बनाया –हम किसान हैं आतंकवादी, वी ऑर फार्मर नॉट ए टेररिस्ट। जिसे जमकर बांटा गया है। आंदोलन वाले पोस्टर और टीशर्ट भी बांटे जा रहे हैं।