अर्नब को पुलिस का खौफ, गिरफ्तारी से पहले मांगी जमानत
मुंबई । दो साल पुराने सुसाइड को मजबूर करने के मामले में जेल की हवा खा चुके रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी को पुलिस का खौफ सताने लगा है। इसी कारण उन्होंने दोबारा जेल जाने से बचने के लिए एक अन्य केस में गिरफ्तारी से पहले ही जमानत मांगी है।
2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में चार नवंबर को जब पुलिस की टीम अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची थी। तब पुलिस ने आरोप लगाया था कि अर्नब, उनकी पत्नी सम्याब्रता रे गोस्वामी व उनके बेटे ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित रूप से मारपीट की थी।
इस मामले में अधिकारी सुजाता तनवाडे ने अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 353 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना), 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर किसी का अपमान करना) और 506 (आपराधिक रूप से डराना/धमकी देना) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज कराया था।
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी की अग्रिम जमानत की याचिका पर गुरुवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी. बी. जाधव सुनवाई कर सकते हैं।