सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अर्नब, उद्धव सरकार को फटकार, अर्बन के मिली अंतरिम जमानत
दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के एडिटर–इन चीफ अर्नब गोस्वामी हाईकोर्ट में जमानत अर्जी ठुकराने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचे हैं। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने उद्धव सरकार को फटकार लगाई कि अगर राज्य सरकारें किसी व्यक्ति को निशाना बनाएं तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि हम (शीर्ष अदालत) उसकी हिफाजत करेंगे। अर्नब की पैरवी के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। सर्वोच्च न्यायालय ने अर्बन गोस्वामी को अंतरिम जमानत दे दी। वहीं, अर्नब की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार ने कैविएट दायर कर कहा था कि उनका पक्ष सुने बगैर कोई आदेश जारी न किया जाए। अर्बन पर 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को खुदकुशी के लिए उकसाने के मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में उसे 4 नवंबर को गिरफ्तार किया था। अर्नब फिलहाल तलोजा जेल में बंद हैं।
अर्नब को लेकर गृहमंत्री से मिले राम कदम
भाजपा विधायक राम कदम ने अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की। उन्होंने एक पत्र सौंपकर अर्नब के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों की जांच कराने की मांग की। उधर, कोंकण रीजन के पुलिस महानिरीक्षक संजय मोहिते ने मीरा भयंदर वसई विरार कमिश्नर सदानंद दाते को पत्र लिखकर खुदकुशी मामले की जांच में गड़बड़ी करने वाले इंस्पेक्टर सुरेश वराडे पर कार्रवाई की सिफारिश की है। वराडे ने ही अलीबाग पुलिस थाने में खुदकुशी मामले की क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी।