मीठा और टेंशन से बनाएं दूरी, सेफ रहेगी आपकी किडनी
किडनी के सबसे बड़े दुश्मन है डाइबिटीज और ब्लड प्रेशर
हाइलाइटर —
– हर साल रुरल एरिया में 7.5 और शहरों में 28 फीसदी बढ़ रहे शुगर व बीपी के मरीज
– हर साल देश में 6 लाख लोगों की हो जाती है किडनी डिजीज के कारण मौत
– केवल 10 फीसदी मरीजों को ही मिल पाता है सही इलाज
– हर साल सिर्फ 6 हजार होते हैं किडनी ट्रांसप्लांट, 60 हजार रहते हैं डायलसिस पर
– 20 से 40 साल की उम्र में भी हो रहे किडनी फेलियर के केस
लुधियाना (राजकुमार साथी) डाइबिटीज व ब्लड प्रेशर को महामारी बताते हुए डॉक्टर किडनी को सुरक्षित रखने के लिए मीठा व टेंशन से दूरी बनाने की सलाह देते हैं। चिंता की बात यह है कि लगातार प्रयास करने के बावजूद रुरल एरिया में हर साल 7.5 फीसदी आबादी और शहरी इलाके की 28 फीसदी आबादी शुगर व ब्लड प्रेशर की चपेट में फंस रही है। जिस कारण देश में हर साल किडनी डिजीज के कारण मरने वालों की संख्या 6 लाख तक जा पहुंची है। कुल मरीजों में से सिफत्र 10 फीसदी को ही सही इलाज मिल पाता है। सभी अस्पतालों में हर साल कुल मिलाकर सिर्फ 6 हजार ही किडनी ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। जबकि 60 हजार मरीजों को डायलसिस के सहारे जीवन जीना पड़ रहा है। डायलसिस की जरूरत को महसूस करते हुए एसपीएस हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी विभाग ने डायलसिस टेक्निशियनों के लिए अपडेशन कोर्स का आयोजन किया। जिसमें पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कशमीर व चंडीगढ़ के विभिन्न अस्पतालों से करीब 150 टेक्निशियन शामिल हुए।
शुगर व बीपी बन चुके हैं महामारी
पिछले एक दशक से शुगर व ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी अनुपात में किडनी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। अभी भी लोग किडनी डोनेट करने को लेकर जागरुक नहीं है। जिस कारण सालभर में सिर्फ 6 हजार किडनी ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। इससे बचने के लिए शुगर व ब्लड प्रेशर का लेवल कंट्रोल में रखना जरूरी है।
डॉ. राहुल कोहली (सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट)
लगातार डायलसिस से लंबा होता है जीवन
भले ही सरकार ने हर जिला अस्पताल में डायलसिस की सुविधा दे रखी है, लेकिन जागरुकता नहीं होने के कारण लोग इसे कराने से बचते हैं। वेस्टर्न कंट्रीज में लोग हफ्ते में तीन बार डायलसिस कराकर 15 से 20 साल अधिक जिंदगी जीते हैं। लोगों को डायलसिस को लेकर गलतफहमी दूर करनी चाहिए।
डॉ. बख्शीश सिंह (नेफ्रोलॉजिस्ट)
डाइट व लाइफ स्टाइल बदलना जरूरी
लाइफ स्टाइल और खान-पान बदलने के कारण डाइबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। जिसका असर सीधे तौर पर किडनी पर पड़ रहा है। डाइट और लाइफ स्टाइल बदलकर ही इससे बचा जा सकता है। इसके लिए डाइटिशियनों और न्यूट्रिशयनों की मदद लेनी चाहिए।
रितु सुधाकर (डाइटिशियन)
एसोसिएशन की जिला प्रधान)