मंदिर खोलने पर उलझे महाराष्ट्र के सीएम और गवर्नर
सीएम से बोले राज्यपाल : क्या आपको दैवीय आदेश मिला?
सीएम ने जवाब में कहा : आपसे हिंदुत्व का प्रमाण पत्र नहीं चाहिए
मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले छह महीने से बंद पड़े मंदिरों को खोलने के मामले में सीएम उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आमने–सामने आ गए हैं।
कोश्यारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ सरकार ने काफी समय पहले बार और रेस्त्रां तो खोल दिए हैं, लेकिन मंदिर नहीं खोले गए। ऐसा न करने के लिए क्या आपको दैवीय आदेश मिला या अचानक से सेक्युलर हो गए। राज्यपाल के इस पत्र पर उद्धव ने भी पलटवार किया। उन्होंने लिखा– जैसे तुरंत लॉकडाउन लगाना ठीक नहीं था, वैसे ही तुरंत ही इसे हटाना ठीक नहीं है। और हां, मैं हिंदुत्व को मानता हूं। मुझे आपसे हिंदुत्व के लिए सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। महाराष्ट्र में धार्मिक स्थल खोलने की चर्चा के साथ कोरोना के बढ़ते मामलों का भी ध्यान रखना चाहिए। जो लोग हमारे राज्य की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर से करते हैं, उनका स्वागत करना मेरे हिंदुत्व में फिट नहीं बैठता। सिर्फ मंदिर खोलने से ही क्या हिंदुत्व साबित होगा? मंदिर मुद्दे पर उद्धव से मातोश्री पर मिलने पहुंचे शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, ‘शिवसेना ने न कभी हिंदुत्व को नकारा है और न ही कभी भुलाया। हिंदुत्व शिवसेना के प्राण और आत्मा है। शिवसेना इसे कभी नहीं छोड़ सकती।