पार्टी से निष्कासन पर राजकुमार मल्होत्रा ने दिया जवाब, कहा
‘एमएलए कोल मैनूं पार्टी चों कड्ढण दा हक्क हैनी”
पार्टी के पंजाब प्रधान या राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास ही है ऐसी कार्रवाई का हक : मल्होत्रा
जंडियाला गुरू (सुरेंद्र कुमार)। पार्टी से निष्कासित किए जाने की खबरें छपने के बाद नगर कौंसिल जंडियाला गुरू के पूर्व चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि एमएलए कोल मैनूं पार्टी चों कड्ढण दा हक्क हैनी (एमएलए के पास मुझे पार्टी से निकालने का अधिकार नहीं है)।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें अखबारों से पढक़र ही इस बात की जानकारी मिली है कि विधायक ने उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने का फरमान सुना दिया है। जबकि ऐसी किसी भी कार्रवाई का अधिकार केवल पंजाब प्रधान सुनील जाखड़, प्रदेश प्रभारी हरीश रावत या राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी को ही है। विधायक के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वे किसी को भी पार्टी से बाहर निकाल सकें। उन्होंने कहा कि दरअसल विधायक सुखविंदर सिंह डैनी खुद को कुछ काम करते रहे हंै, और अगर कोई वर्कर पार्टी के लिए अच्छा काम कर रहा है तो, उसे रोकने की कोशिश करते हैं। कई वर्करों की आवाज दबाने के लिए उन पर झूठे पर्चे भी दर्ज कराए गए।
मल्होत्रा ने कहा कि विधायक को उनसे कोई शिकायत है तो वे इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष या पार्टी हाईकमान को बता सकते हैं। मैं वहां जाकर स्पष्टीकरण देने को तैयार हूं। मगर उन्होंने असंवैधानिक कार्रवाई का प्रयास करके पार्टी के पुराने वर्करों का मनोबल तोडऩे का काम किया है। इससे उनके मन की ईष्र्या भावना बाहर आ गई है। उन्होंने कहा कि हलका विधाय पिछले ढाई साल से किसी के संपर्क में नहीं हैं। मल्होत्रा ने दावा किया कि इस मामले की सूचना राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, एमपी जसबीर सिंह डिंपा व सीएम के ओएसडी कैप्टन संदीप संधू को लिखित तौर पर दे दी गई है।
उधर, विधायक डैनी का कहना है कि जंडियाला गुरू के कांग्रेसी वर्करों ने ही इस संबंध में प्रस्ताव पास किया था। जिसमें कहा गया था कि राजकुमार मल्होत्रा की गतिविधियां पार्टी विरोधी हैं।