जीत की लहर के बावजूद चुनाव हार गए शिवराज के तीन मंत्री
भोपाल। मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के तीन मंत्री इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया और एंदल सिंह कंसाना चुनाव हार गए हैं। 28 में से 19 पर भाजपा व 7 पर कांग्रेस जीती हैं। कांग्रेस सरकार का तख्ता पलट करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 19 में से 13 लोगों ने जीते हैं। जबकि कमलनाथ को पागल बताने वाली महिला व बाल विकास मंत्री इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया के साथ जसमंत जाटव, रणवीर जाटव, रघुराज कंसाना और मुन्नालाल गोयल हार गए।

एक अन्य मंत्री एंदल सिंह कंसाना भी चुनाव हारे। खास बात यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी का असर चंबल–ग्वालियर में ही दिखाई दिया। यहां की 16 सीटों में से सात पर कांग्रेस को जीत मिली। बाकी जगहों पर मुख्यमंत्री शिवराज–सिंधिया की जोड़ी चली। ग्वालियर–चंबल के बाहर की नौ सीटों पर 20 हजार से अधिक वोटों की हार–जीत हुई। सिंधिया ने जब पार्टी बदली, 22 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी थी। इनमें 19 सिंधिया समर्थक थे। तीन को भाजपा ने तोड़ा था। ये तीन थे– एंदल सिंह कंसाना, बिसाहू लाल और हरदीप डंग। सिंधिया गुट के 19 में से 6 हारे।
कमलनाथ और दिग्विजय गद्दार : ज्योतिरादित्य
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उपचुनाव के रिजल्ट के बाद एक बार फिर कमलनाथ और दिग्विजय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा– नतीजों ने साबित किया है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह गद्दार हैं। दरअसल, भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार कांग्रेस नेता उन्हें गद्दार कहते थे।