अमृतसर। रेल रोको आंदोलन के 13वें दिन किसानों ने बठिंडा के रामपुरा फूल में अर्धनगन होकर प्रदर्शन किया। किसान जत्थेबंदियां चंडीगढ़ में मीटिंग करके अगली रणनीति तैयार करेंगी। खेती बिलों के खिलाफ किसान जत्थेबंदियां अमृतसर, फिरोजपुर, मोगा, बठिंडा, जलालाबाद, संगरूर, बरनाला और फाजिल्का में ट्रैक पर बैठी हुई हैं। अमृतसर में किसान–मजदूर संघर्ष कमेटी ने देवीदासपुरा में रेलवे ट्रैक पर कांग्रेस, आप और अकालियों के पुतले फूंके। किसानों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भी कृषि विरोधी कानूनों के लिए उतनी ही जिम्मेदार है जितना मोदी सरकार। फसलों की खरीद प्राइवेट एजेंसियों को बिना मार्केट फीस दिए सिर्फ पैन कार्ड से कराने की छूट से मंडी का ढांचा तबाह हो जाएगा। किसानों ने लाडोवाल और लुधियाना–चंडीगढ़ हाईवे पर समराला टोल प्लाजा को घेर किसानों ने धरना लगाया और टोल पर्ची नहीं काटने दी। वाहनों को बिना पर्ची कटवाए ही गुजारा गया।
खेती बिलों पर भाजपा में बगावत
कृषि कानूनों पर भाजपा में भी बगावत शुरू हो गई है। फतेहगढ़ साहिब में मंगलवार को बैठक में शामिल भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव गुरदीप सिंह समेत 11 पदाधिकारियों ने त्यागपत्र दे दिए। लुधियाना में भाजपा जिला सेक्रटरी जितेंद्र शर्मा के अलावा दोराहा मंडल प्रधान विनोद सहित पूरी कार्यकारिणी ने पदों से इस्तीफा दे दिया है।